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अक्टूबर, 2018 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

एकतरफा मोहब्बत की सज़ा | मनमानियों में उलझा आशिक़ | दर्द भरी शायरी

1. मैं हैरान परेशान रहता हूं तेरी मनमानियां से कब तक ये एक तरफा मोहब्बत यूं ही चलती रहेगी 2. मैं तेरे इश्क में मरा हुआ हूं धीरे-धीरे दीवाना हुआ हूं अब इंकार करके जान लोगी क्या तेरे चक्कर में बेघर बेठिकाना हुआ हूं

मैं कल लौट आया था तुम्हारा इंतजार करके

मैं कल लौट आया था तुम्हारा इंतजार करके ऐसा लगता है थक चूका हूँ तुमसे प्यार करके 2 . हम उनका उम्र भर इंतजार करने को तैयार है बस वो एक भरोसा दे की वो लौट आएंगे 

मुझे कभी जान कहकर मोहब्बत करते थे

1 . मुझे कभी जान कहकर मोहब्बत करते थे सोचा न था मुझसे इतना नफ़रत करने लगेगें 2. आज कल हम किसी पर विश्वास करते नहीं है क्योंकि हर किसी ने मुझे इस तरह तोड़ा  है