सीधे मुख्य सामग्री पर जाएं

संदेश

दिसंबर, 2021 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

दर्द भरी शायरी | इल्ज़ाम, ख़ामोशी, बेवफ़ाई और अधूरी मोहब्बत की शायरी 2026

1. हर सज़ा मंज़ूर थी, मगर बेगुनाह क्यों ठहराया हर सजा मंजूर है अगर मैं कहीं गलत था तेरे हर फैसले से मुझे कोई एतराज ना था बस एक बात दिल को आज भी चुभती रही बिना मेरी खता जान तुमने मुझे गुनहगार ठहरा दिया। 2. रिश्ता टूटा तो कसूर किसका था चलो मैंने मान लिया गलती मेरी है हर इल्जाम, हर सजा मुझे मंजूर है बस एक सवाल का जवाब आज तक नहीं मिला अगर तुम बेगुनाह थे तो ये हमारा रिश्ता टूट किस वजह से था। 3. मुस्कुराहट के पीछे हर रोज़ बिखरता दिल बिखर जाता हूं मैं तेरी हरकतों को देखकर फिर भी हर बार खुद को समेट लेता हूं तुम्हें शायद मेरे दर्द का एहसास नहीं मैं मुस्कुराकर भी हर रोज टूट जाता हूं। 4. थोड़ा-थोड़ा ज़हर देकर रिश्ता तोड़ दिया ये जख्म एक दिन के नहीं है थोड़ा-थोड़ा हर रोज जहर मिलाया गया जिसे अपना समझकर हम दर्द सहते रहे उसी ने मुस्कुरा कर हमें हर बार आजमाया। 5. ख़ामोशियों की भी अब ज़ुबान समझ आने लगी है उनसे अच्छी जान पहचान हो गई है अब उनकी खामोशियां भी समझ आने लगी हैं जो बातें कभी कह नहीं पाते थे वो अब निगाहें से बयान होने लगी है। 6. मेरी चाहतों का आखिर क्या होगा अगर यूं खामोश रही निगाहें तो मेरी चा...

SHAYARI SANGRAH ( शायरी संग्रह )

मुझे महसूस होने लगा है मैं प्यार करने लगा हूं जिंदगी में खुशी बन कर आ जाओ उम्र भर के लिए तुम्हें पाने की बेकरारी हद से ज्यादा बढ़ चुकी है बेसब्री से इंतजार करने लगा हूं उसके इरादे अचानक बदल गए हैं वादों से अपने मुकरने लगी है मुझसे कुछ खता हो गई है या किसी और लालच में आकर धोखा देने लगी है हर मुलाकात पर बात बढ़ने लगी है मुझे एहसास होने लगा है वह प्यार करने लगी है हम दोनों में बढ़ने लगी है नज़दीकियां मेरे दिल में उतरने लगी है मेरी ख्वाहिशे अधूरी रह जाएगी जो साथ देने से मुकर जाओगी हद से ज्यादा मोहब्बत करने लगोगी अगर मेरे मन की सादगी से रूबरू हो जाओगी मेरे दिल की धड़कनों में रहने लगी हो तुम्हारे बारे में हद से ज्यादा सोचने लगा हूं अब दूर न रह पाऊंगा हर वक्त करीब रहने का ख्वाब देखने लगा हूं अगर वो वादों से अपने मुकर आएगी मेरे खुशियों की दुनिया उजड़ जाएगी कोशिश में लगा हूं प्यार मिल जो गया सच कह रहा हूं किस्मत बदल जाएगी