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जनवरी, 2019 की पोस्ट दिखाई जा रही हैं

एकतरफा मोहब्बत की सज़ा | मनमानियों में उलझा आशिक़ | दर्द भरी शायरी

1. मैं हैरान परेशान रहता हूं तेरी मनमानियां से कब तक ये एक तरफा मोहब्बत यूं ही चलती रहेगी 2. मैं तेरे इश्क में मरा हुआ हूं धीरे-धीरे दीवाना हुआ हूं अब इंकार करके जान लोगी क्या तेरे चक्कर में बेघर बेठिकाना हुआ हूं

मुझे मालूम है खूबसूरत दिखने के लिए

 मुझे मालूम है खूबसूरत दिखने के लिए अपनी जुल्फों को सवार ती हो तारीफ तेरे हुस्न का लोग करते नहीं थकते हैं जिसकी मुकद्दर में लिखी हो उसकी नसीब अच्छी है

तुम्हारी मस्तानी आंखों में डूब जाना चाहते हैं

तुम्हारी मस्तानी आंखों में डूब जाना चाहते हैं बस अपना इरादा थोड़ा और खोलकर बता दो दूरियां अब मुझे बर्दाश्त नहीं होती अपने प्यार का जाम मुझको पिला दो

कोई आप से सच्ची मोहब्बत करें

कोई आप से सच्ची मोहब्बत करें तो उसकी मोहब्बत को ठुकराया नहीं करते वैसे तो हम ऐसे इंसान हैं कि कोई मुझे प्यार ना करें तो हम भी बेमतलब किसी के प्यार में वक्त बर्बाद नहीं करते